गीत गोविन्द (Geet Govind)

गीत गोविन्द (Geet Govind)

Geet Govind Lyrics

गीत गोविंद लिरिक्स में पाएं भगवान श्री कृष्ण और राधा के अमृतमय प्रेम का अनुभव। पढ़ें और महसूस करें दिव्य शक्ति और शांति!

गीत गोविंद भजन के बारे में

गीत गोविंद जयदेव द्वारा रचित संस्कृत काव्य ग्रंथ है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम का सुंदर वर्णन है। यह भक्ति और प्रेम से परिपूर्ण भजन संकलन है, जिसे संकीर्तन और नृत्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें श्रीकृष्ण की लीलाओं का गहरा आध्यात्मिक महत्व दर्शाया गया है।

गीत गोविन्द लिरिक्स

श्रितकमलाकुचमण्डल धृतकुण्डल ए।

कलितललितवनमाल जय जय देव हरे॥

दिनमणिमण्डलमण्डन भवखण्डन ए।

मुनिजनमानसहंस जय जय देव हरे ॥

कालियविषधरगंजन जनरंजन ए।

यदुकुलनलिनदिनेश जय जय देव हरे ॥

मधुमुरनरकविनाशन गरुडासन ए।

सुरकुलकेलिनिदान जय जय देव हरे ॥

अमलकमलदललोचन भवमोचन ए।

त्रिभुवनभवननिधान जय जय देव हरे ॥

जनकसुताकृतभूषण जितदूषण ए।

समरशमितदशकण्ठ जय जय देव हरे ॥

अभिनवजलधरसुन्दर धृतमन्दर ए।

श्रीमुखचन्द्रचकोर जय जय देव हरे ॥

तव चरणे प्रणता वयमिति भावय ए।

कुरु कुशलंव प्रणतेषु जय जय देव हरे ॥

श्रीजयदेवकवेरुदितमिदं कुरुते मृदम् ।

मंगलमंजुलगीतं जय जय देव हरे ॥

राधे कृष्णा हरे गोविंद गोपाला नन्द जू को लाला ।

यशोदा दुलाला जय जय देव हरे ॥

Kavya Malhotra

Kavya Malhotra

Kavya Malhotra writes about travel, rituals, and religious traditions, blending storytelling with cultural insight. Her work captures the spirit of sacred places and the rituals that shape faith, history, and everyday life.

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