कृष्ण भजन लिरिक्स | Krishna Ji Ke Bhajan Lyrics

कृष्ण भजन लिरिक्स | Krishna Ji Ke Bhajan Lyrics

Krishna Ji Ke Bhajan Lyrics

मन को प्रेम, आनंद और भक्ति से सराबोर करने वाले श्री कृष्ण के भजन लिरिक्स पढ़ें। कृष्ण भजन लिरिक्स में कान्हा की महिमा, भक्ति से भरे मधुर बोल और राधा-कृष्ण भक्ति के पावन शब्द पाएं।

कृष्ण भजन के बारे में

कृष्ण के भजन मन को एक जगह टिकाने और भक्ति में लगाने में मदद करते हैं। इन्हें सुनने से सोच सरल और सकारात्मक रहती है। नीचे शामिल 10 कृष्ण भजनों के लिरिक्स इसी भाव को स्पष्ट करते हैं।

कृष्ण भजन

श्रीकृष्ण के भजन सुनते ही मन और आत्मा में एक अद्भुत शांति और आनंद उतर आता है। इनके मधुर शब्द दिल को छूते हैं, हर चिंता और थकान को हल्का कर देते हैं। जब हम कृष्ण भजन में लीन होते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे मुरली की सुरमयी धुन हमारे भीतर घुल गई हो, हर धड़कन प्रेम, भक्ति और सच्चाई से भर रही हो। ये भजन केवल भक्ति का अनुभव नहीं कराते, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा, विश्वास और उम्मीद का संचार भी करते हैं।

1. मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है।

दोहा

अमीरी की तो ऐसी की, की सारा घर लूटा बेठे, फकीरी की तो ऐसी की, की तेरे दर पे आ बेठे।

मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है, करता है मेरा बाबा, मेरा नाम हो रहा है।।

करता नही मै फ़िर भी, सब काम हो रहा है, तेरी दया से बाबा, आराम हो रहा है, तेरी दया से बाबा, संसार चल रहा है, करता है मेरा बाबा, मेरा नाम हो रहा है।।

पतवार के बिना ही, मेरी नाव चल रही है, बाबा बिना ही माँगे, सब चीज़ मिल रही है, होता रहे हमेशा, जो कुछ भी हो रहा है, करता है मेरा बाबा, मेरा नाम हो रहा है।।

जिसने जगाया जग को, उसको जगा रहा हूँ, बाबा तेरी बदौलत, मै भजन सुना रहा हूँ, गाता रहूँ हमेशा, जो कुछ भी गा रहा हूँ, करता है मेरा बाबा, मेरा नाम हो रहा है।।

मैं तो नहीं हूँ काबिल, तेरा पार कैसे पाऊं। टूटी हुयी वाणी से, गुणगान कैसे गाऊं। तेरी ही प्रेरणा से, ये कमाल हो रहा हैं, करता है मेरा बाबा, मेरा नाम हो रहा है।।

मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा है, करता है मेरा बाबा, मेरा नाम हो रहा है।।

Jaya Kishori Ji Bhajan

2. श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी।

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा, पितु मात स्वामी सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।

बंदी गृह के तुम अवतारी, कहीं जन्मे कहीं पले मुरारी, किसी के जाए किसी के कहाये, है अद्भुत हर बात तिहारी, गोकुल में चमके मथुरा के तारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा,

श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।

अधर में बंशी ह्रदय में राधे, बट गए दोनों में आधे आधे, हे राधा नागर हे भक्त वत्सल, सदैव भक्तो के काम साधे, वहीँ गए जहाँ गए पुकारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा,

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।

गीता में उपदेश सुनाया, धर्म युद्ध को धर्म बताया, कर्म तो कर मत रख, फल की इक्षा, ये सन्देश तुम्ही से पाया, अमर है गीता के बोल सारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा,

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।

राधे कृष्णा राधे कृष्णा, राधे राधे कृष्णा कृष्णा, राधे कृष्णा राधे कृष्णा, राधे राधे कृष्णा कृष्णा।।

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा, पितु मात स्वामी सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा।।

3. एक बार तो राधा बनकर देखो।

जो मै ऐसा जानती, प्रीत करे दुख होय, नगर ढिंढोरा पीटती, प्रीत ना करिये कोई।

एक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।

क्या होते है आँसु, क्या पीड़ा होती है, क्यू दर्द उठता है, क्यू आँखे रोती है, एक बार आँसु तो बहाकर, देखो सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, इक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।

जब कोई सुनेगा ना, तेरे मन के दुखडे, जब ताने सुन सुन कर, होंगे दील के टुकडे, एक बार जरा तुम ताने सुनकर, देखो सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, इक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।

क्या जानोगे मोहन, तुम प्रेम की भाषा, क्या होती है आशा, क्या होती निराशा, एक बार जरा तुम प्रेम करके, देखो सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, इक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।

पनघट पे मधुबन में, वो इंतज़ार करना, कही श्याम तेरे खातिर, वो घुट घुट के मरना, एक बार किसी का इंतज़ार कर, देखो सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, इक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।

एक बार तो राधा बनकर देखो, मेरे सांवरियां, राधा यूँ रो रो कहे, राधा यूँ रो रो कहे।।

एक बार तो राधा बनकर देखो मेरे सावरिया : MANOJ SHARMA

4. भगत के वश में है भगवान।

भगत के वश में है भगवान, भक्त बिना ये कुछ भी नहीं है, भक्त है इसकी जान, भगत के वश में है भगवान।।

भगत मुरली वाले की, रोज वृंदावन डोले, कृष्ण को लल्ला समझे, कृष्ण को लल्ला बोले, श्याम के प्यार में पागल, हुई वो श्याम दीवानी, अगर भजनो में लागे, छोड़ दे दाना पानी, प्यार करन वो लागी उससे,
अपने पुत्र समान, भगत के वश में है भगवान।।

वो अपने कृष्ण लला को, गले से लगा के रखे, हमेशा सजा कर रखे, वो लाड़ लड़ा कर रखे, वो दिन में भाग के देखे, रात में जाग के देखे, कभी अपने कमरे से, श्याम को झांक के देखे, अपनी जान से ज्यादा रखती,
अपने लला का ध्यान, भगत के वश में है भगवान।।

वो लल्ला लल्ला पुकारे, हाय क्या जुलम हुआ रे, बुढ़ापा बिगड़ गया जी,
लाल मेरा कैसे गिरा रे, जाओ डॉक्टर को लाओ,
लाल का हाल दिखाओ, अगर इसको कुछ हो गया तो,
मुझे भी मार गिराओ, रोते रोते पागल हो गई,
घर वाले परेशान, भगत के वश में है भगवान।।

वो नब्ज टटोल के बोला, की तेरा लाल सही है, कसम खा कर कहता हूँ,
कोई तकलीफ नहीं है, वो माथा देख के बोले, ये तेरा लाल सही है, माई चिंता मत करियो,
कोई तकलीफ नहीं है, जोहि सीने से लगाया,
पसीना जम कर आया, उसने कई बार लगाया,
और डॉक्टर चकराया, धड़क रहा सीना लल्ला का, मूर्ति में थे प्राण, भगत के वश में है भगवान।।

देख तेरे लाल की माया,
बड़ा घबरा रहा हूँ, जहाँ से तू लल्ला लाई,
वही पे जा रहा हूँ, लाल तेरा जुग जुग जिए,
बड़ा एहसान किया है, आज से सारा जीवन,
उसी के नाम किया है, ‘बनवारी’ तेरी माँ नहीं पागल,
पागल सारा जहान, भगत के वश में है भगवान।।

भगत के वश में है भगवान भक्त बिना ये कुछ भी नहीं है, भक्त है इसकी जान, भगत के वश में है भगवान।।

॥॥ कृष्ण कन्हैया लाल की जय ॥॥

भगत के वश में है भगवान !! Jaishankar

5. बता मेरे यार सुदामा रे।

बता मेरे यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।

बालक था रे जब आया करता, रोज खेल के जाया करता, हुई के तकरार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सुदामा रें, भाई घणे दीना में आया।।

म्हणे सुणा दे कुटुंब कहाणी, क्यों कर पड़ गई ठोकर खाणी, रे म्हणे सुणा कुटुंब कहाणी, क्यों कर पड़ गई ठोकर खाणी, टोटे की मार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सूदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।

सब बच्चो का हाल सुणा दे, मिश्राणी की बात बता दे, सब बच्चो का हाल सुणा दे, मिश्राणी की बात बता दे, रे क्यों गया हार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सूदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।

चहिये था रे तने पहलेम आणा, इतना दुःख नही पड़ता उठाणा, चहिये था रे तने पहलेम आणा, इतना दुःख नही पड़ता ठाणा, क्यों भुला प्यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सूदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।

इब भी आ गया ठीक बखत पे, आजा बेठ जा मेरे तखत पे, ओ जिगरी यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।

आजा भगत छाती के ल्यालु, इब बता तने कड़े बिठालु, करूँ साहूकार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया, बता मेरे यार सुदामा रे, भाई घणे दीना में आया।।

Singer : Vidhi

6. काली कमली वाला मेरा यार है।

काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तु दिलदार है, तु मेरा यार है, मेरा दिलदार है।।

मन मोहन मैं तेरा दीवाना, गाउँ बस अब यही तराना, श्याम सलोने तू मेरा रिजवार है, मेरे मन का मोहन तु दिलदार है।।

तु मेरा मैं तेरा प्यारे, यह जीवन अब तेरे सहारे, हाथ तेरे इस जीवन की पतवार है, मेरे मन का मोहन तु दिलदार है।।

पागल प्रीत की एक ही आशा, दर्दे दिल दर्शन का प्यासा, तेरे हर वादे पे मुझे ऐतबार है, मेरे मन का मोहन तु दिलदार है।।

तुझको अपना मान लिया है, यह जीवन तेरे नाम किया है, चित्र विचित्र को बस तुमसे ही प्यार है, मेरे मन का मोहन तु दिलदार है।।

काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तु दिलदार है, तु मेरा यार है, मेरा दिलदार है।।

7. छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल।

छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो मदन गोपाल।।

आगे आगे गईया पीछे पीछे ग्वाल, बीच में मेरो मदन गोपाल।।

कारी कारी गैया गोरे गोरे ग्वाल, श्याम वरण मेरो मदन गोपाल।।

घास खाए गैया दुध पीवे ग्वाल, माखन खावे मेरो मदन गोपाल।।

छोटी छोटी लकुटी छोले छोटे हाथ, बंसी बजावे मेरो मदन गोपाल।।

छोटी छोटी सखियाँ मधुबन बाग़, रास राचावे मेरो मदन गोपाल।।

छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो मदन गोपाल।।

8. काली काली अलको के फंदे क्यों डाले।

काली काली अलको के फंदे क्यूँ डाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले।।

दोहा

मेरा एक नज़र तुझे देखना, किसी बंदगी से कम नहीं, करो मेरा शुक्रिया मेहरबां, तुझे दिल में हमने बसा लिया, आप इस तरह से होश, उड़ाया ना कीजिये, यूँ बन संवर के सामने, आया ना कीजिये।

काली काली अलको के फंदे क्यूँ डाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले।।

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले।

सितमगर हो तुम खूब पहचानते है, तुम्हारी अदाओ को हम जानते है, फरेबे मोहब्बत में उलझाने वाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले।।

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले।

ये रंगीले नैना तुम्ही को मुबारक, ये मीठे मीठे बैना तुम्ही को मुबारक, हमारी तरफ से निगाहे हटाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले।।

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले।

संभालो जरा ये पीताम्बर गुलाबी, ये करता है दिल में हमारे खराबी, जो तेरा हुआ उसको क्या कोई संभाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले।।

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले।

जहाँ तुमने चेहरे से पर्दा हटाया, वही अहले दिल को तमाशा बनाया, बनाले बावरी को अब अपना बनाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले।।

मुरली वाले मुरली वाले, मुरली वाले मुरली वाले।

काली काली अलको के फंदे क्यू डाले, हमें जिन्दा रहने दे ऐ मुरली वाले।।

काली काली अलको के फंदे क्यों डाले~ सुरभि चतुर्वेदी

9. ये तो प्रेम की बात है उधो।

ये तो प्रेम की बात है उधो, बंदगी तेरे बस की नहीं है, यहाँ सर देके होते सौदे, आशिकी इतनी सस्ती नहीं है।।

प्रेम वालों ने कब वक्त पूछा, उनकी पूजा में सुन ले ए उधो, यहाँ दम दम में होती है पूजा, सर झुकाने की फुर्सत नहीं है, ये तो प्रेम की बात है उधो।।

जो असल में हैं मस्ती में डूबे, उन्हें क्या परवाह ज़िन्दगी की, जो उतरती है चढ़ती है मस्ती, वो हकीकत में मस्ती नहीं है, ये तो प्रेम की बात है उधो।।

जिसकी नजरो में है श्याम प्यारे, वो तो रहते हैं जग से न्यारे, जिसकी नज़रों में मोहन समाये, वो नज़र फिर तरसती नहीं है, ये तो प्रेम की बात है उधो।।

ये तो प्रेम की बात है उधो, बंदगी तेरे बस की नहीं है, यहाँ सर देके होते सौदे, आशिकी इतनी सस्ती नहीं है।।

10. तृष्णा ना जाए मन से।

तृष्णा ना जाये मन से,

दोहा

मथुरा वृन्दावन सघन, और यमुना के तीर, धन्य धन्य माटी सुघर, धन्य कालिंदी नीर। कृष्णा बोलो कृष्णा, हरे कृष्णा राधे कृष्णा।

तृष्णा ना जाये मन से, कृष्णा ना आये मन में, जतन करूँ मैं हजार, कैसे लगेगी नैया पार, घनश्याम जी, कैसे लगेगी नैया पार।।

इक पल माया साथ ना छोड़े, जिधर जिधर चाहे मुझे मोड़े, हरी भक्ति से हरी पूजन से, मेरा रिश्ता नाता तोड़े, माया ना जाये मन से, भक्ति ना आये मन में, जीवन ना जाये बेकार, कैसे लगेगी नैया पार, मेरे श्याम जी, कैसे लगेगी नैया पार।।

क्षमा करो मेरे गिरिवर धारी, चंचलता मन की लाचारी, लगन जगा दो मन में स्वामी, तुम हो प्रभु जी अंतर्यामी, मन ना बने अनुरागी, भावना बने ना त्यागी, दया करो करतार, कैसे लगेगी नैया पार, घनश्याम जी, कैसे लगेगी नैया पार।।

तृष्णा ना जाए मन से, कृष्णा ना आये मन में, जतन करूँ मैं हजार, कैसे लगेगी नैया पार, घनश्याम जी, कैसे लगेगी नैया पार।।

Kavya Malhotra

Kavya Malhotra

Kavya Malhotra writes about travel, rituals, and religious traditions, blending storytelling with cultural insight. Her work captures the spirit of sacred places and the rituals that shape faith, history, and everyday life.

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